कृषि मंत्री श्री प्रेम कुमार के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक।

पि एन आई पटना

कृषि मंत्री श्री प्रेम कुमार के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पदाधिकारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक।

आज माननीय कृषि मंत्री बिहार डॉक्टर प्रेम कुमार द्वारा राज्य के बाढ़ प्रभावित 21 जिलों में फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति एवं नुकसान की भरपाई तथा वैकल्पिक खेती हेतु आवश्यक विचार विमर्श के लिए आज बाढ़ प्रभावित सभी जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी परियोजना निदेशक (आत्मा) सहायक निदेशक (उद्यान) एवं सहायक निदेशक पौधा संरक्षण के साथ समीक्षा बैठक की गई। बाढ़ के दौरान विभाग द्वारा फसल क्षति का प्रारंभिक आकलन कराया गया था ।जिसके अनुसार कुल 8,10,000 हैक्टर में फसल छति का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था इसके लिए कूल 1,93,536 करोड़ रुपया फसल क्षति मुआवजा की मांग भारत सरकार से की गई है ।उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी निकलने के उपरांत वास्तविक फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है ।इसके लिए जिला स्तर से लेकर प्रखंड एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारियों कृषि समिति को एवं किसान सलाहकारों को लगाया गया है ।आज की समीक्षा बैठक में माननीय मंत्री द्वारा निर्देश दिया गया की वास्तविक फसल क्षति का आकलन युद्ध स्तर पर कराया जाए ।ताकि प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा मिल सके ।समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई की बाढ़ में प्रभावित जिलों में जहां बाढ़ का पानी निकल गया है वहां 70 से 80 प्रतिशत धान का फसल बच गया है, लेकिन जहां पानी अभी भी नहीं निकल पाया है ।वहां धान का फसल एवं बागवानी फसल पूरी तरह से प्रभावित हुआ है ।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जींन खेतों से पानी निकल गया है ।वही बचे हुए फसलों पर कीट व्याधि के प्रकोप की भी सूचना प्राप्त हो रही है ।इसके रोकथाम हेतु पौधा संरक्षण पदाधिकारियों की टीम बनाकर समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया गया है ।साथ ही विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को नियमित रूप से पौधा संरक्षण सला दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आगामी रबी से पूर्व वैकल्पिक खेती हेतु किसानों द्वारा कम अवधि में फसल जैसे सरसों, तोड़िया ,मूली एवं मौसमी सब्जी और परवल मूंगफली मूंग आदि की मांग है। इसके लिए बीच की व्यवस्था शीघ्र करने का निर्देश दिया गया है ।रबी, मक्का के बीज की भी मांग की गई है ।इसकी व्यवस्था की जाएगी 2008 में हुआ भयानक कोसी त्रासदी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए विश्व बैंक के सहयोग से कोसी क्षेत्र में नई तकनीक से फसल उत्पादन की योजना प्रारंभ की जा रही है। डॉक्टर प्रेम कुमार ने कहा की बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है तथा संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार एवं कृषि विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है ।और साथ ही साथ किसानों के लिए खड़ी है किसानों के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है ।किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी ।वही श्री प्रेम कुमार ने कहा कि कुल 8,10,000 हेक्टर में फसल क्षति के लिए 1,93,536 करोड़ रुपए का फसल क्षति मुआवजा का आकलन कर प्रतिवेदन भारत सरकार को भेजा गया है ।

यूनिट हेड राजेश कुमार के साथ हैप्पी श्रीवास्तव पि एन आई पटना

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