10 साल की सजा सुनने के बाद कोर्ट रूम के फर्श पर बैठ कर रोया गुरमीत राम रहीम

अपने डेरे की शिष्या के साथ बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम को 10 साल सश्रम कैद की सजा सुनाई गई है. गुरमीत रोहतक की सुनारिया जेल में बंद था, जहां CBI की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह खुद सजा सुनाने के लिए पहुंचे थे. इससे पहले 25 अगस्त को जज जगदीप सिंह ने ही राम रहीम को 15 साल पुराने बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया था. इसके बाद गुरमीत के हजारों समर्थकों ने हरियाणा को आग और हिंसा के हवाले कर दिया था और गुरमीत को हेलिकॉप्टर से जेल भेजना पड़ा था. जहां गुरमीत कोर्ट में रोता रहा, वहीं जज जगदीप सिंह सजा सुनाने के तुरंत बाद जेल से निकल गए.

28 अगस्त को फैसले वाले दिन पूरा हरियाणा और पंजाब हाई अलर्ट पर रहा. जिस समय राम रहीम को सजा सुनाई जा रही थी, उस दौरान सिरसा में डेरा-समर्थक आगजनी कर रहे थे, जहां डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय है. इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और हिंसा की जानकारी कोर्ट में मौजूद जज तक पहुंचाई गई. ये अस्थायी अदालत सुनारिया जेल की लाइब्रेरी में बनाई गई थी, जहां फैसले के तुरंत बाद गुरमीत को कैदी नंबर 1997 देकर जेल भेज दिया गया. अदालत का फैसला आने के बाद हरियाणा सीएम  मनोहर लाल खट्टर ने मीटिंग बुलाई.

कोर्ट रूम के अंदर क्या-क्या हुआ

आज दोनों पक्षों के वकीलों के बीच इस बात पर बहस होनी थी कि राम रहीम को कितनी सजा दी जाए. ज़िरह के लिए जज ने दोनों वकीलों को 10-10 मिनट का वक्त दिया था. CBI के वकील ने राम रहीम के लिए उम्रकैद की मांग की. इस दौरान राम रहीम कठघरे में खड़ा रोता रहा. जब गुरमीत के वकील की बारी आई, तो उन्होंने कहा, ‘बाबा राम रहीम समाजसेवी हैं. उन्होंने लोगों की भलाई के लिए काम किया. रक्तदान के कैंप लगवाए, इसलिए कोर्ट को उनके साथ नरमी बरती जानी चाहिए.’ सिर पर सफेद कपड़ा बांधे कोर्ट में आए राम रहीम ने खुद दलील दी, ‘मैंने लोगों की भलाई का काम किया है, मुझे माफ कर दीजिए.’

CBI ने अपनी दलील में ये भी कहा था कि गुरमीत ने जिन दो लड़कियों के साथ रेप किया, उसमें से एक नाबालिग थी, ऐसे में उस पॉक्सो की धारा भी लगनी चाहिए. फैसला सुनने के बाद गुरमीत जमीन पर बैठ गया. उसकी हालत ऐसी हो गई थी कि आखिर में कोर्ट के कर्मचारियों को उसे लगभग घसीटते हुए कोर्ट के बाहर ले जाना पड़ा. वो कोर्ट में बैठकर रोते-रोते कहने लगा, ‘मैं कहीं नहीं जाऊंगा.’ सजा के बाद राम रहीम का मेडिकल किया गया, जिसमें उसकी हाई बीपी की शिकायत फर्जी मिली. फैसला सुनाने के बाद जज ने गुरमीत का बैग उठाने वाले पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल समेत पुलिस और प्रशासन को फटकार भी लगाई.

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